जिसकी चाहत मेरा ख़्वाब है

सामान्य

कुछ अरमान इस दिल के,
तन्हा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब,
कुछ चाहत उसे पाने की,
थोड़ी आरज़ू उसमे खो जाने की,
कितने हसीन हैं यह सब |

लेकिन साथ है डर इन सबके खो जाने का,
उससे दूर हो जाने का,
जानता नहीं क्या होगा आगे,
पर सोच रूकती कहाँ है, जाती है भागे,
इस रफ़्तार से की पकड़ना मुश्किल है,
उसके साथ चलता तो हूँ
शायद “साथ” में उसके होने की चाहत है,
जिसकी चाहत मेरा ख़्वाब है |

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12 responses »

  1. jiski chahat mera khab hai:
    palak ji its nice line :but i think you wanna write a lot abt it but u had wrapped ur nice words in ur self,plz let ur heart free nd,
    soch ko shabdo k rang m dhalne do,
    lekni ko apne shabdo se pighalne do,
    lamho ne tumhe shbdo ka rang diya aapko,
    ab lamho ko shbdo k canvas me dhalne do,

    y mere shabd yahi jatana chate hai aapko k kavita aapki puri hai phir kuch kami si lagti hai

  2. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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